बहुत से बच्चे पढ़ना चाहते हैं लेकिन किताबें काफी और यूनिफॉर्म या डिटेल डिवाइस ना होने के कारण उनकी पढ़ाई बीच में अटक जाती है इन सबको देखते हुए सरकार ने छात्र एजुकेशन मटेरियल योजना 2026 की शुरुआत की है इस योजना का उद्देश्य है सभी छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करें और हर बच्चे तक बेसिक शिक्षा से संबंधित सामग्री समय पर पहुंच सके
कोई भी छात्र केवल संसाधनों की कमी से पीछे ना रह जाए यह योजना स्कूल कॉलेज स्तर पर चालू की गई है जिसमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सहायता दी जाती है अगर आप इस योजना के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को आखिर तक जरूर पड़े.
🎯 योजना के उद्देश्य (In Simple Words)
अगर हम इस योजना के उद्देश्य की बात करें तो इस योजना में आपको काफी सारे किताब स्टेशनरी यूनिफॉर्म और बैग देखने के लिए मिलते हैं डिजिटल सामग्री कंटेंट डाटा पैक डिवाइस सपोर्ट लाइब्रेरी से सीखने में मौका मिलता है कमजोर छात्रों के लिए आउट आफ पॉकेट खर्च भी मिलता है ड्रॉप आउट रेट को घटना और स्कूल में बच्चों की उपस्थिति को बढ़ाना इस योजना का उद्देश्य है
- किताबें, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म और बैग उपलब्ध कराना।
- डिजिटल सामग्री (ई-कॉन्टेंट, डेटा पैक/डिवाइस सपोर्ट, ई-लाइब्रेरी) से सीखने में तेजी लाना।
- कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के छात्रों की आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च कम करना।
- ड्रॉप-आउट रेट घटाना और नियमित उपस्थिति को बढ़ाना।
🧠 किन-किन चीज़ों में सहायता? (What’s Covered)
योजना राज्य के अनुसार बदल भी सकती है आमतौर पर यह सारी चीजे इसमें शामिल की गई है पुस्तक और गाइड स्टेशनरी किट यूनिफॉर्म जूते मोज़े स्कूल बैग वाटर लंच बॉक्स डिजिटल सामग्री यह सारी इसमें शामिल की गई है:
- पाठ्यपुस्तकें और गाइड्स (NCERT/State Board)
- स्टेशनरी किट: कॉपी, पेन-पेंसिल, ज्योमेट्री बॉक्स, रंग/चार्ट पेपर
- यूनिफॉर्म व जूते-मोज़े (राज्य नीति अनुसार)
- स्कूल बैग/रैनकोट/बॉटल/लंच बॉक्स (अवसरानुसार)
- डिजिटल सामग्री: ई-कंटेंट, डेटा सपोर्ट व टैबलेट/मोबाइल के लिए सीखने की सामग्री/एप्स
- विशेष सहायता: परीक्षा फॉर्म/लैब मटीरियल/लाइब्रेरी फीस (जहाँ लागू)
✅ पात्रता (Eligibility)
| मानक | विवरण |
|---|---|
| नागरिकता | भारतीय छात्र/छात्रा |
| कक्षा/स्तर | प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी; कई जगह स्नातक/डिप्लोमा तक |
| आय-मानदंड | प्रायः आर्थिक रूप से कमजोर परिवार (राज्य/बोर्ड के नियम अनुसार) |
| संस्थान | मान्यता प्राप्त स्कूल/कॉलेज में अध्ययनरत |
| उपस्थिति | न्यूनतम उपस्थिति/अकादमिक प्रदर्शन जैसा स्थानीय नियम कहे |
टिप: आपके स्कूल/जिला शिक्षा कार्यालय से स्थानीय पात्रता ज़रूर कन्फर्म करें, क्योंकि कुछ लाभ कक्षा-वार या लिंग/वर्ग-विशेष के लिए आरक्षित हो सकते हैं।
🧾 जरूरी डाक्यूमेंट Required Documents)
- छात्र का आधार कार्ड व स्कूल/कॉलेज ID
- बोनाफाइड सर्टिफिकेट (संस्थान से)
- आय/जाति/निवास प्रमाण पत्र (जहाँ लागू)
- पिछली परीक्षा की मार्कशीट/TC (यदि मांगा जाए)
- बैंक पासबुक/DBT विवरण (DBT वाले राज्यों में)
🖥️ अप्लाई कैसे करें? (Step-by-Step)
A) DBT मोड (राशि खाते में)
- जिला/राज्य पोर्टल/स्कूल नोटिस पर योजना अधिसूचना देखें।
- ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन फॉर्म भरें।
- KYC डाक्यूमेंट अपलोड/जमा करें।
- संस्थान सत्यापन ⇒ जिला शिक्षा कार्यालय अनुमोदन।
- स्वीकृति के बाद राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर (DBT)।
B) इन-काइंड मोड (किट वितरण)
- स्कूल/कॉलेज से फॉर्म/कलेक्शन स्लिप लें।
- निर्धारित दिन पर किट वितरण—बैग, किताबें, स्टेशनरी आदि।
- वितरण रजिस्टर में हस्ताक्षर/OTP वेरिफिकेशन।
👉 National Scholarship/Skill India Hub – scholarships.gov.in
(कई राज्यों की छात्र सामग्री/छात्रवृत्ति/DBT सूचनाएँ यहां लिंक होती हैं; विस्तृत शर्तें अपने राज्य पोर्टल पर देखें।)
📦 “शैक्षणिक सामग्री किट” आमतौर पर क्या होती है?
क्लास 1 से 5 तक के स्टूडेंट को 6 से 10 कॉपियां पेंसिल इरेज़र ड्राइंग बुक वॉटर बॉटल दी जाती है जबकि कक्षा 6 से 8 के लिए बैग 8 से 12 कॉपी पेन सेट जोयमिति बॉक्स और डिक्शनरी आदि दी जाती है कक्षा 9 से 12 के स्टूडेंट को मॉडल पेपर प्रैक्टिकल रेजर कैलकुलेटर लाइब्रेरी लैब सपोर्ट दी जाती है
- क्लास 1-5: बैग, 6–10 कॉपियाँ, पेंसिल/इरेज़र/शार्पनर, ड्राइंग बुक, वाटर बॉटल
- क्लास 6-8: बैग, 8–12 कॉपियाँ, पेन सेट, ज्योमेट्री बॉक्स, डिक्शनरी/अतिरिक्त वर्कबुक
- क्लास 9-12: विषय-वार गाइड/मॉडल पेपर, प्रैक्टिकल रजिस्टर, कैलकुलेटर (जहाँ अनुमति), लाइब्रेरी/लैब सपोर्ट
- डिजिटल कॉम्पोनेन्ट: ई-कंटेंट एक्सेस, डेटा-सब्सिडी/लर्निंग ऐप लॉग-इन (नीति अनुसार)
🧩 चयन व प्राथमिकता (Who Gets Priority?)
इस योजना में अगर प्राथमिकता की बात करें तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के छात्र को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी पहली पीढ़ी के विद्यार्थी या दिव्यांग छात्र को भी प्राथमिकता दी जाएगी बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र को भी इसमें प्राथमिकता दी जाएगी
- आर्थिक रूप से कमजोर/अंत्योदय परिवार के छात्र
- पहली पीढ़ी के शिक्षार्थी, अनाथ/दिव्यांग छात्र
- उच्च उपस्थिति व बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र
- दूरदराज़/ग्रामीण/आकांक्षी जिलों के विद्यार्थी (जहाँ नीति हो)
📅 आवेदन/वितरण का सही समय
- शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत (अप्रैल–जून) में किताब/स्टेशनरी किट वितरण आम है।
- DBT/रीइम्बर्समेंट के 2–3 चक्र भी हो सकते हैं (टर्म-वाइज)।
- परीक्षा-सीज़न (जनवरी–मार्च) में मॉडल पेपर/गाइड सपोर्ट कई जगह मिलता है।
प्रो-टिप: स्कूल/कॉलेज के नोटिस बोर्ड और व्हाट्सऐप समूह पर नजर रखें—डेडलाइन मिस न करें।
📈 इससे वास्तविक फायदा कैसे मिलता है? (Impact)
इस योजना से परिवार का सालाना शिक्षा का खर्च करता है बच्चों की उपस्थिति और निरंतर बढ़ती है लर्निंग गैप किताब संसाधन ना होने से कम होता है डिजिटल सामग्री मिलने से स्वयं पढ़ाई और डिवीजन बेहतर होती है
- परिवार का सालाना शिक्षा-खर्च घटता है।
- बच्चों की उपस्थिति और निरंतरता बढ़ती है।
- लर्निंग गैप (किताब/संसाधन न होने से) कम होता है।
- डिजिटल सामग्री मिलने से स्वयं-अध्ययन और रिविज़न बेहतर होता है।
🧭 पेरेंट्स/स्टूडेंट्स के लिए स्मार्ट चेकलिस्ट
- समय पर आवेदन व दस्तावेज़ तैयार रखें।
- DBT होने पर बैंक/आधार लिंकिंग कन्फर्म करें।
- इन-काइंड किट की क्वालिटी/काउंट चेक करें; कमी हो तो रिकॉर्ड में लिखवाएँ।
- डिजिटल लॉग-इन/ऐप्स के यूज़रनेम-पासवर्ड सुरक्षित रखें।
🙋♀️ FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या इस योजना में यूनिफॉर्म भी मिलती है?
कुछ राज्यों में यूनिफॉर्म/जूते-मोज़े शामिल होते हैं। अपने राज्य की अधिसूचना देखें—स्कोप अलग-अलग हो सकता है।
Q2. DBT और इन-काइंड में क्या फर्क है?
DBT में राशि खाते में आती है; इन-काइंड में किट/सामग्री सीधे स्कूल से दी जाती है।
Q3. प्राइवेट स्कूल के छात्र लाभ ले सकते हैं?
कई जगह सरकारी/अनुदानित स्कूल प्राथमिक फोकस होते हैं; पर कुछ घटकों में मान्य निजी संस्थानों के लिए भी प्रावधान हो सकता है—लोकल नोटिस देखें।
Q4. आवेदन रिजेक्ट क्यों होता है?
गलत दस्तावेज़, डुप्लीकेट आवेदन, पात्रता न होना, डेडलाइन मिस करना—मुख्य कारण हैं। फॉर्म भरते समय KYC/डेटा मैचिंग पर ध्यान दें।
Q5. डिजिटल सामग्री किस तरह मिलती है?
राज्य की नीति के अनुसार—ई-कंटेंट एक्सेस, ऐप लॉग-इन, डेटा सपोर्ट या डिवाइस-साझेदारी मॉडल। स्कूल आपको लॉग-इन/क्रेडेंशियल्स देता है।
🔚 निष्कर्ष: “सही संसाधन, सही समय—यही पढ़ाई की असली ताकत”
Chhatra Educational Material Yojana 2026 इस योजना का असर तभी देखा है जब सामग्री समय पर पर्याप्त मात्रा में बच्चों तक पहुंच सके इसलिए पेरेंट्स और स्टूडेंट दोनों डेडलाइन से पहले डॉक्यूमेंट और सामान बांटने की तिथि नोट करके चलें जो परिवार शिक्षा से जूझ रहे हैं उनके लिए यह योजना वास्तविक रहता है क्योंकि अब बच्चे बिना किताब स्टेशनरी की चिंता के भी पढ़ाई कर सकते हैं अगर आपको हमारे द्वारा लिखा गया आर्टिकल अच्छा लगता है तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं धन्यवाद।
आज ही कदम बढ़ाएँ: स्कूल/कॉलेज से नोटिस लें, फॉर्म भरें, DBT/किट की स्थिति ट्रैक करें—पढ़ाई रुके नहीं, सपने थमें नहीं।











